यूपी-उत्तराखंड में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत, कांग्रेस के हिस्से में आया पंजाब

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ऐतिहासिक जीत हासिल करके बीजेपी ने अपने विरोधयों को सकते में डाल दिया है. पांच राज्यों के चुनावों के लिए शनिवार को हुई मतगणना में बीजेपी ने 403 सीटों वाले यूपी में 300 के पार, जबकि 70 सीटों वाले उत्तराखंड में 50 से भी ज्यादा सीटें जीत गई है. दोनों राज्यों में बीजेपी का यह अब तक का सबसे बड़ा स्कोर होगा. हालांकि पंजाब में बीजेपी को झटका लगा है.

उधर आम आदमी पार्टी के सपनों को कुचलते हुए कांग्रेस मज़बूत बहुमत के साथ बीजेपी-अकाली सरकार को कुर्सी से उतारने में कामयाब हो चुकी है. गोवा और मणिपुर में कांग्रेस सरकार बनाने के करीब है.

मोदी की इस लहर का असर पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी दिखा और कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ हो गया. हरीश रावत सरकार में काबीना मंत्री रहे नेता तो चुनाव हारे ही खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत भी हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा सीट से चुनाव हार गए. बीजेपी राज्य में 70 में से 56 सीटों पर जीत गई है. हालांकि इस भारी भरकम जीत के बावजूद बीजेपी के लिए झटके वाली बात यह रही कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट चुनाव हार गए. गढ़वाल के सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की जीत को अप्रत्याशित बताया और कहा कि यह मोदी की कार्यशैली की जीत है। दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके खंडूरी ने कहा, ‘यह मोदी की कार्यशैली की जीत है, देश की भलाई के लिए उनके द्वारा किये जा रहे कामों पर जनता का विश्वास है, यह मोदी लहर है, यह अप्रत्याशित जीत है.’

यूपी और उत्तराखंड में चारों खाने चित गिर चुकी कांग्रेस को पंजाब ने संभाला. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पार्टी शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन को सत्ता से बेदखल करने में कामयाब रही। कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 77 सीटें जीती है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन केवल 15 सीटें (अकाली दल-15, बीजेपी-3) जीती है। यहां पहली बार चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी (आप) मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है, जिसने 20 सीटें जीती हैं। आम आदमी पार्टी को इस सीमावर्ती राज्य में सरकार बनाने लायक बहुमत की उम्मीद थी, लेकिन इस लिहाज से परिणाम उसके लिए निराशाजनक रहा है। हालांकि राज्य में मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरने को पार्टी ने एक उपलब्धि बताया. आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा, ‘हमें पंजाब में सरकार बनाने की उम्मीद थी. लेकिन हम नतीजों से निराश हैं. हालांकि राज्य विधानसभा चुनाव में एक नई पार्टी का दूसरे स्थान पर रहना भी बड़ी बात है। इसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि आप नेताओं को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर इस सीमावर्ती राज्य में सरकार बनाने की पार्टी की कोशिशों में कहां कमी रह गई?

मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है. गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस सत्ता के करीब है. बीजेपी मुकाबले से दूर हो गई है. 40 सीटों के नतीजों में कांग्रेस 17 सीटें जीती है और बीजेपी को केवल 13 सीटें मिली हैं. क्षेत्रीय पार्टियों गोवा फॉरवर्ड और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने 3-3 सीटें जीती हैं। एनसीपी को एक सीट है, 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीती थीं, जब वह 2012 में सत्ता में आई थी. बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर मांद्रे सीट से चुनाव हार गए। उनके कैबिनेट सहयोगियों दयानंद मांद्रेकर (शियोली) और दिलीप परुलेकर (सालगाव) भी चुनाव हार गए। प्रमुख कांग्रेस विजेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत भी शामिल हैं। तटवर्ती राज्य गोवा के चुनावी मुकाबले में पहली बार उतरने वाली आप कोई सीट नहीं जीत पाई। आरएसएस के बागी सुभाष वेलिंगर का गोवा सुरक्षा मंच, शिवसेना को भी कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन उनकी गठबंधन सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को तीन सीटें मिलीं। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी चार फरवरी के चुनाव से ठीक पहले बीजेपी से अलग हो गई थी और तीन पार्टियों के साथ गठबंधन बना लिया था. पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में कांग्रेस व बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर रही। कांग्रेस ने यहां 28 सीटें जीती, जबकि बीजेपी 21 पर जीत दर्ज की.

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