क्या पड़ा नोटबंदी का असर ‘ख़ास आदमी’ पर ? इस रिपोर्ट को ज़रूर पढ़ें !

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नई दिल्ली: पिछले साल नवंबर में हुई नोटबंदी ने देश के आम आदमी को क्या दिया? ये तो हर आम आदमी खुद जानता है. अमीरों को इस नोटबंदी से क्या मिला? ये एक दिलचस्प खबर है.आज ही जारी एक अध्ययन में बताय गए आंकड़ों के मुताबिक़ नोटबंदी के बाद से देश मे अरबपतियों की संख्या में जहां 11 फीसद की कमी आई है, वहीं इस दौरान देश में अरबपतियों की कुल संपदा में उल्लेखनीय इजाफा भी हुआ है. किस्मत ने सबसे ज़्यादा साथ मुकेश अंबानी का दिया है. शायद इसी लिए वह 26 अरब डॉलर की संपदा के साथ सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं.

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‘हुरुन ग्लोबल रिच’ द्वारा नोटबंदी के बाद कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन पर आधारित ताजा संस्करण को मानें तो नोटबंदी के बाद से 11 भारतीय अरबपति अपना अरबपति का दर्जा गंवा चुके हैं. अरबपति होने का दर्ज खो देने वाले ‘बदनसीबों’ मुख्य रूप से, क्रॉम्पटन ग्रीव्स के गौतम थापर, दिवीज लैब्स की नीलिमा मोतपार्ती, अपोलो हॉस्पिटल्स के प्रताप रेड्डी और इन्फोसिस के नंदन नीलेकणी शामिल हैं.

जबकि कुछ दूसरे अरबपतियों की संपत्ति में इजाफा दर्ज किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 132 भारतीय या भारतीय मूल के अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर 2,690,367 करेाड़ रुपये या 392 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है जो पिछले सात वर्षों की तुलना में 16 फीसदी तक अधिक है.ambani_650_012715120817

इस साल अरबपतियों की सूची में शामिल हुए 27 नए अरबपतियों में पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण 24,900 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे ऊपर हैं. दूसरे नंबर पर नादिर गोदरेज और स्मिता वी कृष्णा का स्थान है. पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा भी 10,300 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में जगह बनाए हुए हैं, हालांकि रिलायंस कैपिटल द्वारा अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी अलीबाबा को 275 करोड़ रुपये में बेचे जाने के बाद विजय शेखर शर्मा की संपत्ति में संशोधन किए जाने की संभावना है.

जबकि अरबपतियों की सूची से बाहर हुए प्रमुख अरबपतियों में सचिन और बिन्नी बंसल शामिल हैं जिनकी संपत्ति फ्लिपकार्ट के मूल्यांकन में लगातार गिरावट के बाद घटी है. नोटबंदी के बाद जिन अन्य लोगों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है, उनमें पीआई इंडस्ट्रीज के सलिल सिंघल एंड फैमिली, एलेम्बिक फार्मा के चिरायु आर अमीन ऐंड फैमिली, सुप्रीम के बीएल तपाडिय़ा एंड फैमिली, वॉकहार्ट के हबील खोराकीवाला, पारले एग्रो फूड के प्रकाश चौहान एंड फैमिली, आरएसबीएल के पृथ्वीराज कोठारी और गुजरात फ्लूरोकेमिकल्स के देवेंद्र कुमार जैन मुख्य रूप से शामिल हैं.l_dishes-were-playing-against-notbandi-58747b3d04842

 

मुकेश अंबानी लगभग 26 अरब डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ सर्वाधिक अमीर भारतीय की अपनी हैसियत बनाए हुए हैं. मुकेश इस सूची में टॉप-50 में जगह पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं। फार्मा क्षेत्र के दिग्गज दिलीप सांघवी 14 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ सूची में तीसरे पायदान पर हैं. दिव्यांक तुरखिया 1.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस सूची में सबसे युवा अरबपति हैं. बता दें कि तुरखिया की उम्र 35 वर्ष है और उन्होंने अपनी कंपनी मीडिया.नेट एक अरब डॉलर के मूल्यांकन पर चीन के एक औद्योगिक घराने को बेची है.

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट इंडिया के अध्ययन में कहा गया है कि भारत में 132 अरबपति हैं, जिनकी कुल संपदा एक अरब डॉलर या इससे अधिक है. कुल मिलाकर भारत में अरबपतियों की कुल संपत्ति 392 अरब डॉलर आंकी गई है. वहीं शहरों के लिहाज से बात की जाए तो अरबपतियों की इस सूची में मुंबई से 42 अरबपति शामिल हैं, दिल्ली से 21 और अहमदाबाद से 9 अरबपति शामिल हैं.

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